कहबी करौट फेरि रहलय

कहबी करौट फेरि रहलय:
शहरक अंदेशामे काजी जी दुब्बर होइत रहथि, आइ-काल्हि मोटाइत छथि।दुबराइ वला जमाना चलि गेलै।    
                      🌼 
                गंगेश गुंजन
              #उचितवक्ताडे.

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