🌐। सबसंँ सुन्दर किछु नहि,...
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संसारमे सबसंँ सुन्दर किछु नहि होइत छैक।सब सँ सुन्दर संसारे अछि। हँ,कम कि एक रती बेसी सुन्दर भ’ सकैत छैक। सैह होइतहुंँ छैक।
तेँ सबसँ सुन्दर केवल व्यक्ति-व्यक्तिक अपन एक टा काज सुतारू सुविधाजनक निष्कर्ष-वाक्य मात्र होइछ मनुष्यक।
गंगेश गुंजन #उचितवक्ताडेस्क।
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