संदेश

वैह किछु बात रहत..

एक रंग सब टा पाथर

जीवन : सृष्टिक ऋण !

बिना ओकरा हंसओने...

दोस्त भेल राजा

आदर्श पिता ओ गुरु एवं सन्तान।