संदेश

मैथिली आलोचना दिवस प्रस्ताव

|| नऽव मनक पुरान हाक्रोस ||

बाल-मनक तामस

इतिहास संँ लै योग्य।

मनुष्याभास-कव्याभाष !

प्रातः धरि किछु राति... ग़ज़ल सन

ललबबुआ संस्कृति

।। धीरोदात्त आलोचक ।।

मखानक पात सँ मुँह पोछब !