संदेश

म'न ख़राप मे असकर

दिल्लक दिल मे चौपाड़ि !

कविता कवि अपने बचबैए।

लहरि मीडिया: मिथिला कैलेंडर ( विनोद)

एक दोहा

अकच्छ कवि दास ।