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कवि बताह पर : दुपँतिया

सेहन्ता पर दूपँतिया

हम सहरसा छी !

कोन बाट !

ग़ज़लसन : एहनो दुनिया कवि कें आख़िर रह' पड़तै ....

खेत में खुट्टीक सुन्दरताइ !

बाँग्ला देश कि हमर गामक कोनो टोल थिक ई ?

जन्मदिन : उत्तर प्रभात (अंजय चौधरी जी)

मोटायल म'न !

राजा के कहब नै अयलै...