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दादा -पोता आ पेटीएम

हिनका लय ने हुनका लय : ग़ज़ल सन

आइ जँ माँ रहितय तँ.....

बिषहरा दाँत तीत-कोत

राजनीति अछि झिक्का तोरी: ग़ज़ल सन

दु:ख हमर दोस्त