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जीह लय जीअब नियति थिक : गज़लसन

जीयब कला कि कर्म ?

जखन गाम घर मे चम्मच नहिं चलल रहै...

शब्दक आयु

...कौखन मीत रहैए !

।। हमर प्रेम ।।

ख़ुशी हमर बाढ़नि

बूढ़ नेनपन

फेरो सब ओहिना चलि गेल : ग़ज़लसन

कखनो टूटि जाइत मेंहीं ताग !

कसबट्टी

दलान: एक टुकड़ी समय छलय

..........बड़ खलैये

। पुरस्कार-विवाद स्थायी भाव भ' गेलय।