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प्रशंसा आ ख़ुशामद

नाचल किएक चन्द्रयान

दूपँतिया

कवि आ कविता

ग़ज़लसन : छोटो छिन जे बात करब....

एना किए अगताएल दिन : ग़ज़लसन

बीच विश्व-बाजार

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मणिपुर ई एहने ?

छाउर नहिं तंँ माछ कोना बनैए गाम मे